
गूंज, नई दिल्ली। अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया है। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की खबर सुनने के बाद अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। यहां उनसे मुलाकात के लिए राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा भी पहुंचे। अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि राष्ट्रपति उनकी बात को जरूर सुनेंगी, न्याय करेंगी और इस नियुक्ति पर रोक लगाएंगी। पिता ने कहा कि 18 सितंबर 2022 को बेटी की निर्मम हत्या की गई। इसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई। लोअर कोर्ट में जब चर्चा चल रही थी तो हम बार बार ‘VIP’ का जिक्र कर रहे थे जिसकी वजह से लड़की को मारा गया।
पिता वीरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर तब तक रोक लगे जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि दुष्यंत कुमार सलाखों के पीछे जाएं। मेरी राष्ट्रपति जी से विनती है कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, दुष्यंत कुमार की नियुक्ति न हो।”
मालूम हो कि ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 साल अंकिता की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उसका शव चीला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
मामले ने पिछले साल दिसंबर में उस समय एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। इसके बाद हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल उठे। कांग्रेस समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में अंकिता के माता-पिता ने भी हिस्सा लिया था।
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