डायट लोहाघाट में ‘कौशलम’ प्रशिक्षण का अंतिम चरण शुरू, शिक्षकों को सिखाए 21वीं सदी के कौशल

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गूंज, चम्पावत। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) लोहाघाट में इस वर्ष के ‘कौशलम’ प्रशिक्षण का तीन दिवसीय अंतिम चक्र विधिवत शुरू हो गया है। प्रशिक्षण के इस अंतिम फेरे में कक्षा 12 के 55 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. आशुतोष वर्मा ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवसायोन्मुखी और रोजगारोन्मुखी भविष्य के लिए तैयार करने का एक बेहतरीन माध्यम है।

जिला कौशलम समन्वयक डॉ. कमल गहतोड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कौशलम पाठ्यचर्या के अंतर्गत इस वर्ष अब तक कक्षा 9 और 10 के 190 तथा कक्षा 11 और 12 के 110 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के भीतर उद्यमशील मानसिकता (Entrepreneurial Mindset) विकसित करेंगे। इसके तहत कक्षा 9 में समस्या समाधान (प्रॉब्लम सॉल्विंग), कक्षा 10 में कैरियर एक्सप्लोरेशन, कक्षा 11 में प्रोजेक्ट प्रोटोटाइप निर्माण तथा कक्षा 12 में व्यवसाय के बाजार विपणन से संबंधित विधाओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

कार्यशाला में उद्यम फाउंडेशन की जनपद ऑब्जर्वर सुश्री नैना ने शिक्षकों को ‘कौशल सारथी चैटबॉट’ में पंजीकरण और विद्यालयों में कार्यक्रम के प्रभावी संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वहीं मास्टर ट्रेनर खीम सिंह बोहरा, नीरज जोशी, डॉ. ललित मोहन एवं देवेंद्र पुनेठा ने 21वीं सदी के कौशल, ग्रिट (दृढ़ता), पाठ्यचर्या के विभिन्न पड़ाव, प्रोटोटाइप निर्माण और उन्हें बाजार से जोड़ने जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रस्तुतियां दीं।

इस अवसर पर डायट प्रवक्ता दीपक सोराड़ी, मनोज भाकुनी तथा डॉ. लक्ष्मी शंकर यादव सहित कई शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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