संवाद धम्म यात्रा के कार्यक्रम में शिक्षा और संविधान की रक्षा पर दिया जोर

Advertisement

गूंज, बहेड़ी। ग्राम मितंरपुर में संवाद धम्म यात्रा के संबंध में ग्रामवासियों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। भंते विनय चार्य के नेतृत्व में निकाली जा रही यात्रा के क्रम में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद ने लोगों को संबोधित करते हुए महात्मा गौतम बुद्ध के विचारों, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

नसीम अहमद ने कहा कि महात्मा गौतम बुद्ध ने पूरी मानवता को अहिंसा, शांति, करुणा और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध के विचारों को अपनाकर समाज में आपसी भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर चर्चा करते हुए नसीम अहमद ने कहा कि उन्होंने दलितों, शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य उपेक्षित वर्गों को संवैधानिक अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने संविधान के माध्यम से सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय के अधिकार प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक योगदान दिया। साथ ही, आरक्षण के माध्यम से वंचित वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने शिक्षा को समाज में बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए कहा कि शिक्षा के जरिए ही व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकता है और समाज की दिशा व दशा बदल सकता है। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों से अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने तथा सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

नसीम अहमद ने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है। कार्यक्रम में संवाद धम्म यात्रा के उद्देश्यों और महात्मा गौतम बुद्ध तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया गया।

You may have missed

📤 यह खबर शेयर करें