उत्तराखण्ड: जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, गैर-हिमाच्छादित क्षेत्रों में दिसंबर से शुरू होगी गणना

Advertisement Advertisement Advertisement Advertisement

गूंज, चम्पावत। जनगणना-2027 को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक की जाएगी। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर संचालित किया जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा-3 तथा जनगणना नियम, 1990 के संबंधित प्रावधानों के तहत जारी अधिसूचना में उत्तराखंड के गैर-हिमाच्छादित क्षेत्रों के साथ ही गोवा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी इसी अवधि में जनसंख्या गणना किए जाने की जानकारी दी गई है।

जनगणना प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिक स्व-गणना कर सकेंगे। अधिसूचना के अनुसार उत्तराखंड के गैर-हिमाच्छादित क्षेत्रों सहित संबंधित राज्यों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 को रात्रि 12 बजे निर्धारित की गई है। जनसंख्या संबंधी विवरण इसी निर्धारित संदर्भ समय के आधार पर दर्ज किए जाएंगे।

केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद जनगणना-2027 की प्रक्रिया को लेकर समय-सारिणी स्पष्ट हो गई है। जनपद चम्पावत में भी शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनगणना संबंधी आवश्यक तैयारियां और अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

You may have missed

📤 यह खबर शेयर करें