सड़क हादसे में घायलों के इलाज को मिलेंगे 1.5 लाख तक, मददगार राहगीर को 25 हजार का पुरस्कार, परिवहन विभाग ने चलाया जागरूकता कार्यक्रम

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गूंज, चम्पावत। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और जनहानि को कम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने पीएम-राहत योजना को लेकर जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर परिवहन विभाग टनकपुर की टीम टैक्सी यूनियनों के साथ बैठकें कर वाहन चालकों और टैक्सी संचालकों को योजना की जानकारी दे रही है।

एआरटीओ रिशु तिवारी ने बताया कि योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना सभी श्रेणी की सड़कों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के लिए लागू है।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना होने पर पीड़ित या मददगार व्यक्ति 112 आपातकालीन सेवा पर संपर्क कर नजदीकी अस्पताल और एंबुलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकता है। परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों को दुर्घटना की सूचना तत्काल 112 पर देने और घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

एआरटीओ ने बताया कि योजना से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला स्तर पर व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। विभाग टैक्सी यूनियनों और वाहन चालकों से योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी कर रहा है।

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए मदद को आगे आने वाले नेक राहवीर (Good Samaritan) को निर्धारित प्रावधानों के तहत 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था है।

एआरटीओ रिशु तिवारी ने वाहन चालकों और आमजन से अपील की कि दुर्घटना के समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली चिकित्सा सहायता किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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