रामलीला में केवट ने प्रभु श्रीराम को नदी पार कराई, भरत मिलाप के प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक

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गूंज, चम्पावत। नवयुवक रामलीला कमेटी, टनकपुर की ओर से दशहरा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित रामलीला में भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान केवट द्वारा उन्हें नदी पार कराने तथा भरत के प्रभु श्रीराम से मिलने पहुंचने के भावपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया।

रामलीला मंचन ने दिखाया गया कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण नदी तट पर पहुंचने पर केवट से उन्हें नदी पार कराने का आग्रह किया करते है। केवट भगवान श्रीराम के चरण धोने की इच्छा व्यक्त करता है। इसके बाद वह श्रद्धा और भक्ति भाव से प्रभु के चरण पखारकर उन्हें नाव में बैठाता है और नदी पार कराता है।

इसके बाद भरत के प्रभु श्रीराम से मिलने पहुंचने के प्रसंग का मंचन किया गया। पिता राजा दशरथ के निधन और भगवान श्रीराम के वनवास की जानकारी मिलने के बाद भरत का व्याकुल होना तथा उन्हें वापस अयोध्या ले जाने के लिए वन में पहुंचना दर्शाया गया। भरत अपने बड़े भाई श्रीराम से अयोध्या लौटकर राजपाट संभालने का आग्रह करते हैं, लेकिन श्रीराम पिता के वचन का पालन करने के अपने संकल्प पर अडिग रहते हैं।

रामलीला मंचन के दौरान नवयुवक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, संस्थापक विशाल अग्रवाल, नीरज सिंह, बोर्ड अध्यक्ष गौरव गुप्ता, बोर्ड सचिव नितिन गुप्ता, संरक्षक हरीश भट्ट, संजय अग्रवाल, ओंकार सिंह, बद्री प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष संजय गर्ग, उपाध्यक्ष करन शर्मा, कल्पना आर्य, गीता गुप्ता, सुषमा गुप्ता, आसू गर्ग, कोषाध्यक्ष अमित परवेज सहित नवयुवक रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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