
गूंज, चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में श्रद्धालुओं व पर्यटकों को विश्वस्तरीय एवं सुगम सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जनपद चम्पावत स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां पूर्णागिरि मंदिर में रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य वर्तमान में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
लगभग ₹40 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित किये जा रहे इस रोपवे की कुल लंबाई लगभग 950 मीटर होगी। इसमें दो आधुनिक ट्रालियां संचालित की जाएंगी, जिसमें प्रत्येक ट्राली में एक समय में लगभग 65 श्रद्धालु सवार हो सकेंगे। यह रोपवे एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक लगभग 250 मीटर की ऊँचाई को मात्र 7 मिनट में पार कर लेगा, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अत्यंत सुगम और आरामदायक सुनिश्चित हो सकेगी।
इस रोपवे के संचालन से हनुमानचट्टी से काली मंदिर तक का लगभग 6 किलोमीटर का पैदल एवं सड़क मार्ग पूरी तरह से कम हो जाएगा। इससे यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, विशेष रूप से वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को बहुत बड़ी राहत और सहूलियत मिलेगी।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हनुमानचट्टी एवं काली मंदिर टर्मिनल स्टेशनों के मध्य 950 मीटर की पूरी दूरी में किसी भी प्रकार का मध्य पोल (इंटरमीडिएट टॉवर) नहीं लगाया जाएगा, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप धार्मिक स्थलों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना और तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित व सुलभ बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूर्णागिरि रोपवे के बनने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था व स्वरोजगार को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।
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