मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण अब भी रास्ते को तरसे, बरसात में जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर

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गूंज, चम्पावत। एक ओर प्रदेश सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के टनकपुर स्थित ग्राम मनिहार गोठ के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा सड़क और सुरक्षित रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वर्षों से मार्ग निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कई बार आश्वासन दिए, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।

रेल लाइन निर्माण के दौरान बंद हुआ पुराना रास्ता

ग्रामीणों के अनुसार, रेल विभाग की भूमि से होकर वर्षों से उनका आवागमन होता था। करीब दो वर्ष पहले नई रेल लाइन बिछाने के दौरान विभाग ने पुराने रास्ते को खोद दिया, जिससे ग्रामीणों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। उस समय विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन तहसीलदार और उपजिलाधिकारी ने रेल अधिकारियों से वार्ता कर जल्द नया मार्ग बनाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

चुनाव बहिष्कार तक पहुंचा मामला

समय बीतने के बाद भी जब मार्ग निर्माण नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने गत पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी। इसके बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी आकाश जोशी और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के प्रतिनिधि गांव पहुंचे तथा जल्द मार्ग निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका।

ग्रामीणों ने खुद किए प्रयास

प्रशासन से निराश होकर ग्रामीणों ने स्वयं रेल विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और पीलीभीत तथा बरेली के कई चक्कर लगाए। ग्राम पंचायत के माध्यम से मार्ग निर्माण का प्रस्ताव भी रेल विभाग को भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है कि रेल विभाग ने अनापत्ति (एनओसी) देने के लिए ग्राम पंचायत को भूमि लीज पर लेने हेतु लगभग 10 से 12 लाख रुपये जमा करने की शर्त रखी है, हालांकि रेल विभाग द्वारा अंतिम ड्राफ्ट ग्रामीणों को नहीं दिया गया है।

मुख्यमंत्री, सांसद और और रेल राज्य मंत्री से भी लगाई गुहार

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विभिन्न माध्यमों से ज्ञापन भेजकर मार्ग निर्माण अथवा आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की है। कुछ समय पूर्व टनकपुर-नांदेड़ ट्रेन सेवा के उद्घाटन के दौरान तत्कालीन रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से भी ग्रामीणों ने मुलाकात कर समस्या बताई थी। ग्रामीणों का दावा है कि रेल राज्य मंत्री ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री से नहीं हो रही मुलाकात

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही इस समस्या के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मिलने के कई बार प्रयास किए परन्तु क्षेत्रीय विधायक होने के बावजूद उनकी मुख्यमंत्री से उचित तरह से मुलाकात नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री निजी रूप से मामले में हस्तक्षेप करेंगे तो जल्द ही उनके लिए मार्ग बन जाएगा।

बरसात में बढ़ी परेशानी, कई लोग हो चुके हैं घायल

वर्तमान में बरसात के कारण संकरा और जर्जर वैकल्पिक मार्ग बेहद फिसलन भरा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार कई राहगीर फिसलकर घायल हो चुके हैं। वहीं खुले गड्ढों में गिरकर कई लोग और मवेशी भी चोटिल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से जल्द समाधान निकालते हुए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी अंत हो सके।

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