
गूंज, चम्पावत। पर्यावरण संरक्षण को केवल नारों तक सीमित न रखकर उसे जनभागीदारी से धरातल पर उतारने की दिशा में माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। समिति की अध्यक्ष दीपा देवी के मार्गदर्शन में वार्ड नंबर 09 नया गोठ में पॉलीथिन उन्मूलन अभियान के तहत घर-घर से पॉलीथिन एकत्रित कर उसे प्लास्टिक की बोतलों में भरकर ईको ब्रिक्स तैयार की जा रही हैं। वहीं, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर चिलियागोल गेंडाखाली नंबर 01 में ‘एक पेड़ कान्हा के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया।
समिति की महिलाएं घर-घर जाकर पॉलीथिन एकत्रित कर रही हैं। इसके बाद एकत्रित पॉलीथिन को प्लास्टिक की खाली बोतलों में भरकर मजबूत ईको ब्रिक्स तैयार की जा रही हैं। समिति का मानना है कि इस पहल से प्लास्टिक कचरे को पर्यावरण में जाने से रोकने के साथ-साथ उसके पुनः उपयोग की दिशा में भी सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
समिति की अध्यक्ष दीपा देवी ने बताया कि अब तक करीब चार कुंतल पॉलीथिन बोतलों में भरकर एकत्रित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पॉलीथिन को पर्यावरण में जाने से रोकना और लोगों को यह संदेश देना है कि जागरूकता एवं सामूहिक प्रयास से कचरे को भी उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है।
समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इन अभियानों को अभी तक बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के संचालित किया जा रहा है। समिति की महिलाएं स्वयं आगे बढ़कर पॉलीथिन एकत्रित करने, ईको ब्रिक्स तैयार करने, पौधरोपण और जन-जागरूकता का कार्य कर रही हैं।
पॉलीथिन एकत्रीकरण के साथ समिति द्वारा स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। लोगों को प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
समिति की अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि “प्रकृति ने हमें जीवन दिया है और उसकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मेरा जीवन समर्पित है।” उन्होंने कहा कि पॉलीथिन पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को इसके खिलाफ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर से निकलने वाली पॉलीथिन को अलग-अलग एकत्रित कर उसका उचित निस्तारण करे, तो पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समिति का उद्देश्य केवल ईको ब्रिक्स तैयार करना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और जीवनशैली में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
वार्ड नंबर 09 नया गोठ में चलाए जा रहे अभियान में सुनीता सक्सेना, आशा देवी, मंजू देवी, हीराकली देवी, भगवान देवी, नीलम मिश्रा, राजेश सक्सेना, पीहू, इशिता, संतोष देवी, कमला देवी, खीमा देवी, सुनीता देवी और उषा देवी, मधु देवी सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य सहयोग कर रहे हैं।
वहीं, चिलियागोल गेंडाखाली नंबर 01 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गोदावरी देवी, कविता कोहली, सरिता देवी, कुमारी माधुरी, कु. अंशिका, आरुष, आरव, अरनव, शानू और आर्यन द्वारा पौधरोपण अभियान में सहभागिता की गई।
समिति की यह पहल यह संदेश दे रही है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। सच्ची इच्छाशक्ति, सामूहिक प्रयास और प्रकृति के प्रति समर्पण से छोटी-सी पहल भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।
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