आरटीआई के 21 वर्ष: सुधार या सुदृढ़ कार्यान्वयन पर छात्रों ने किया मंथन, पी जी कॉलेज कर्णप्रयाग में आयोजित हुई वाद विवाद प्रतियोगिता

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गूंज, चमोली। आरटीआई सप्ताह के उपलक्ष्य में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में “डॉ. आर.एस. टोलिया राज्य स्तरीय सूचना का अधिकार अधिनियम वाद-विवाद प्रतियोगिता-2026” का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “सूचना का अधिकार अधिनियम के 21 वर्ष: सुधार या सुदृढ़ कार्यान्वयन” रखा गया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक सशक्तीकरण और सुशासन को मजबूत करने में आरटीआई की भूमिका पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ इसमें आवश्यक सुधारों को लेकर भी अपने तर्क प्रस्तुत किए।

निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर बीएससी प्रथम सेमेस्टर की महक ने प्रथम स्थान, बीकॉम प्रथम वर्ष की भूमिका ने द्वितीय स्थान तथा बीकॉम प्रथम वर्ष के डार्विन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर आरटीआई नोडल अधिकारी डॉ. किरण कुमार पंत ने सूचना का अधिकार अधिनियम को लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बताया। निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ. कामना लोहानी, डॉ. महेंद्र जोशी एवं डॉ. आर.सी. भट्ट ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनके तर्कों और अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. ए. सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति कौशल तथा नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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