
गूंज, चम्पावत। शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के तहत ग्राम थ्वालखेड़ा में निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि, टनकपुर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य के दौरान उनके आवागमन और अन्य आवश्यक मार्गों का ध्यान रखने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य में ग्रामीणों के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान में निर्माण के दौरान कथित तौर पर निर्धारित मार्ग की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षा दीवार के निर्माण से उनके निकास मार्ग के प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो गई है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग प्रभावित होने से आवश्यक वाहनों के साथ ही एंबुलेंस-108 और ट्रैक्टर के आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए नदी तट तक जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की कि पूर्णागिरि रोड तक निर्माण कार्य में पूर्व समझौते के अनुसार करीब सात मीटर स्थान छोड़कर आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराया जाए, जिससे प्रभावित 20-25 परिवारों को परेशानी न हो।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार कराने तथा आवागमन का रास्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो प्रभावित परिवार तहसील परिसर में आंदोलन करने के साथ न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन देने वालों में सतीश चंद्र पांडेय, ग्राम प्रधान हेमा जोशी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विपिन जोशी, जगदीश थ्वाल, कमला नेगी, देवकी देवी, पंकज पांडेय, गणेश पांडेय, पंकज सिंह नेगी, नारायण दत्त जोशी, अनिल शर्मा, उदय जोशी, नीरज जोशी, नेहा पांडेय और विमला देवी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
More Stories
डायट लोहाघाट में ‘कौशलम’ प्रशिक्षण का अंतिम चरण शुरू, शिक्षकों को सिखाए 21वीं सदी के कौशल
एबीवीपी बनबसा ने आयोजित किया ‘उदय 2026’, लगभग 200 विद्यार्थियों ने की सहभागिता, नृत्य, अभिनय, रैंप वॉक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; कोमल बनीं मिस फ्रेशर और मिलन सोनकर चुने गए मिस्टर फ्रेशर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की ऐतिहासिक धरोहरों का हो रहा पुनरुद्धार: चंपावत स्थित 800 साल पुराने राजबुंगा किले का 4.91 करोड़ रुपये से होगा जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण