राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने बनबसा और टनकपुर में सुनीं कर्मचारियों की समस्याएं, समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश, वेतन सीधे बैंक खातों में देने, भविष्य निधि जमा कराने और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर दिया जोर, मृतक आश्रित नियुक्ति व लंबित पदोन्नति के मामलों में तेजी लाने के निर्देश

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गूंज, चम्पावत। उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) संतोष गौरव ने शनिवार को बनबसा और टनकपुर का भ्रमण कर सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की और उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण, समय पर वेतन और आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

टनकपुर में विभागीय पत्रावलियों के अवलोकन के दौरान सामने आए मृतक आश्रित नियुक्ति के प्रकरण पर आयोग उपाध्यक्ष ने संबंधित आश्रित की शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नियुक्ति के विषय का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों के लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर उनका लाभ मिल सके।

सफाई कर्मचारियों की भविष्य निधि से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संतोष गौरव ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों के वेतन से की गई कटौती और नियोक्ता के अंशदान की धनराशि नियमानुसार उनके भविष्य निधि खातों में जमा कराई जाए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को संबंधित फर्म के अभिलेखों और जमा धनराशि की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई और भविष्य की सुरक्षा से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी इस विषय में नियमित निगरानी रखते हुए कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें।

मोहल्ला समितियों के माध्यम से वेतन भुगतान में सामने आ रही कठिनाइयों पर आयोग उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने समितियों के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था समाप्त करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसी माह से कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधे वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को उनके कार्य के अनुरूप समय पर पूरा पारिश्रमिक मिलना चाहिए। वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी या किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

आयोग उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों को परिचय पत्र, पात्रतानुसार गोल्डन कार्ड और कार्य की प्रकृति के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने झाड़ू, सफाई उपकरण, ठेली, मास्क, जूते, टोपी और सेफ्टी बेल्ट सहित जरूरी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों द्वारा उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करना और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा की निगरानी करना भी जरूरी है। सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

पूर्व में सिर पर मैला ढोने के कार्य से जुड़े पात्र व्यक्तियों और परिवारों के संबंध में शून्य सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर संतोष गौरव ने दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे के माध्यम से पात्र व्यक्तियों की पहचान कर रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें पुनर्वास, आर्थिक सहायता और स्वरोजगार से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे की प्रक्रिया गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बनबसा में सफाई व्यवस्था और जनसुविधाओं की समीक्षा

बनबसा नगर पंचायत कार्यालय में नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा देवी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में आयोग उपाध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संवाद कर नगर पंचायत के कार्यों और जनसुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अधिकारी दीपक बुधलाकोटी को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए नगर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग से प्राथमिक विद्यालयों में सफाई व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण बच्चों से सफाई कार्य कराया जाना उचित नहीं है। विद्यालयों में पर्याप्त और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली और पेयजल की कमी से संबंधित विषयों पर उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों की ओर से उठाई गई समस्याओं पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

टनकपुर में उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार पिंकी आर्या और अधिशासी अधिकारी ऋषभ उनियाल के साथ बैठक कर सफाई कर्मचारियों के हितों तथा नगर निकाय से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता बरती जाए और शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बनबसा में आयोजित कार्यक्रम में नामित सभासद प्रेम सिंह रावत एवं उमेद सिंह नेगी, रुचि धस्माना, रुक्मिणी उनियाल, विमला बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक हितों और अधिकारों की रक्षा करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों को लंबित रखने के बजाय समयबद्ध तरीके से उनका समाधान किया जाए।

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