नायकखेड़ा इकोलॉजिकल कॉरिडोर का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा, क्षेत्र की सुरक्षा और आपदा प्रतिरोधक क्षमता होगी मजबूत

Advertisement Advertisement Advertisement Advertisement

गूंज, चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित एवं सक्षम बनाने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में टनकपुर के नायकखेड़ा क्षेत्र में 83.58 करोड़ रूपये की स्वीकृत लागत से “इकोलॉजिकल कॉरिडोर एट नायकखेड़ा फॉर डिजास्टर रेजिलिएंस” का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में आपदा जोखिम को कम करते हुए स्थानीय आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न सुरक्षात्मक एवं संरचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में लॉन्चिंग एप्रन, रिटेनिंग वॉल तथा अर्थ फिलिंग का कार्य प्रगति पर है। परियोजना की भौतिक प्रगति 50 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 38.51 प्रतिशत हो चुकी है।

परियोजना के पूर्ण होने से नायकखेड़ा एवं आसपास के क्षेत्र में आपदा के दौरान होने वाले संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। रिटेनिंग वॉल, लॉन्चिंग एप्रन एवं अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्य क्षेत्र की भूमि एवं महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेंगे। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा यह कॉरिडोर क्षेत्र को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित एवं आपदा प्रतिरोधी बनाने में सहायक होगा।

सुरक्षित, सुदृढ़ एवं विकसित उत्तराखंड के विजन के अनुरूप यह परियोजना चम्पावत में विकास और आपदा सुरक्षा के बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी। परियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय लोगों को बेहतर सुरक्षा मिलने के साथ ही क्षेत्र में सुरक्षित एवं टिकाऊ विकास को नई मजबूती मिलेगी।

You may have missed

📤 यह खबर शेयर करें