
गूंज, चम्पावत। शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित मंच ‘शैक्षिक नवाचारी संवाद’ (EIC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक और सराहनीय कदम उठाया है। शिक्षकों और बच्चों के लेखन को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से, पोर्टल पर अब डायट लोहाघाट के व्याख्याता डॉ. कमल गहतोड़ी के बेहद लोकप्रिय और रचनात्मक कार्यक्रम “मेरी कलम मेरी पहचान” को विशेष स्थान दिया गया है।
इस सहयोग के माध्यम से शैक्षिक नवाचारी संवाद पोर्टल से जुड़े हजारों शिक्षक, शिक्षाविद और छात्र-छात्राएं अब एक ही स्थान पर “मेरी कलम मेरी पहचान” कार्यक्रम की गतिविधियों, उत्कृष्ट रचनाओं और लेखों से रूबरू हो सकेंगे। यह पहल दो अलग-अलग रचनात्मक ताकतों को एक साथ लाकर सुदूर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के रचनाकारों की आवाज़ को मजबूत करने का काम करेगी।
इस विशेष जुड़ाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सूत्रधार डॉ. कमल गहतोड़ी ने “शैक्षिक नवाचारी संवाद” उत्तराखंड के संस्थापक और संचालक श्री शंकर सिंह अधिकारी जी (सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाटन पाटनी) के प्रति विशेष आभार प्रकट किया है।
डॉ. गहतोड़ी ने समस्त संपादक मंडल की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा, “श्री शंकर सिंह अधिकारी जी के सौजन्य और उनके निरंतर प्रयासों से ही आज हमारा यह संयुक्त प्रयास राज्य स्तर तक बहुत सम्मान के साथ पहुंचा है। इस मंच के माध्यम से ‘मेरी कलम मेरी पहचान’ अभियान को एक नई डिजिटल ऊंचाई मिली है, जिसके लिए पूरी टीम उनकी आभारी है।”इस सहभागिता से न केवल दोनों मंचों के पाठकों का दायरा बढ़ेगा, बल्कि डिजिटल माध्यम से शैक्षिक विचारों और साहित्य का आदान-प्रदान भी और अधिक सुलभ हो जाएगा। इस विशेष सेक्शन को लाइव कर दिया गया है, जिसे शैक्षिक नवाचारी संवाद की आधिकारिक वेबसाइट shaikshiknavacharisamvad.in पर देखा जा सकता है।
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