
गूंज, चम्पावत। आमजन को राजस्व संबंधी मामलों में त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने तथा लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने के उद्देश्य से राजस्व परिषद, उत्तराखण्ड द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। राजस्व परिषद के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जनपद के समस्त संबंधित राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को विशेष कैम्प के रूप में ‘म्यूटेशन दिवस’ आयोजित कर पात्र प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि म्यूटेशन दिवस के दौरान उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1901 की धारा-33ए के अंतर्गत अविवादित विरासत तथा धारा-34 के अंतर्गत अविवादित दाखिल-खारिज के मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा। ऐसे प्रकरण जिनमें निर्धारित आपत्ति अवधि पूर्ण हो चुकी है तथा किसी प्रकार की आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है, उनका आगामी प्रथम अथवा तृतीय शनिवार, जो भी तिथि पहले पड़ेगी, को नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब से राहत देना तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित अविवादित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण करना है। इससे वादकारियों को बार-बार तहसील अथवा राजस्व न्यायालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उन्हें निर्धारित समय में न्याय एवं राजस्व सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि ‘म्यूटेशन दिवस’ को प्रभावी ढंग से आयोजित करते हुए पात्र अविवादित मामलों का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर चुके मामलों को अनावश्यक रूप से अगली तिथि न दी जाए और पात्र वादकारियों को इस विशेष पहल का अधिकतम लाभ मिले।
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