
गूंज, चम्पावत। नगर पालिका परिषद टनकपुर ने शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। क्रशर रोड पर शारदा बैराज के निकट लंबे समय से जमा लीगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) के वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया गया है। नगर पालिका ने इस कार्य को दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पुराने कचरे के निस्तारण के लिए संबंधित स्थल पर आवश्यक मशीनरी स्थापित कर दी गई है। कार्य शुरू होने के अवसर पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, वरिष्ठ सहायक तथा सभासद शैलेन्द्र सिंह और दिनेश कुमार मौजूद रहे।
क्रशर रोड स्थित स्थल पर वर्षों से जमा कचरे के कारण आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। अब वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण होने से दुर्गंध, धूल और गंदगी जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही मिट्टी और भूजल पर पुराने कचरे के संभावित दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
निस्तारण प्रक्रिया के तहत मशीनों के माध्यम से पुराने कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा। इस दौरान कचरे से उपयोगी और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करने का प्रयास किया जाएगा, जबकि शेष अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। इससे कचरे का व्यवस्थित प्रबंधन करने के साथ ही उपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।नगर पालिका परिषद का उद्देश्य पुराने कचरे का निस्तारण कर संबंधित स्थल की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। कार्य की प्रगति पर निगरानी रखते हुए इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दिसंबर 2026 के अंत तक निस्तारण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इस पहल से टनकपुर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आने की संभावना है।
More Stories
डायट लोहाघाट में ‘कौशलम’ प्रशिक्षण का अंतिम चरण शुरू, शिक्षकों को सिखाए 21वीं सदी के कौशल
एबीवीपी बनबसा ने आयोजित किया ‘उदय 2026’, लगभग 200 विद्यार्थियों ने की सहभागिता, नृत्य, अभिनय, रैंप वॉक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; कोमल बनीं मिस फ्रेशर और मिलन सोनकर चुने गए मिस्टर फ्रेशर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की ऐतिहासिक धरोहरों का हो रहा पुनरुद्धार: चंपावत स्थित 800 साल पुराने राजबुंगा किले का 4.91 करोड़ रुपये से होगा जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण