
गूंज, चम्पावत। टनकपुर क्षेत्र के मोहनपुर में प्रस्तावित गैस प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। आबादी क्षेत्र में गैस प्लांट स्थापित किए जाने के विरोध में ग्राम प्रधान राधिका चंद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और प्रस्तावित प्लांट को निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आबादी क्षेत्र में गैस प्लांट स्थापित करने का प्रयास किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि घनी आबादी के बीच गैस प्लांट स्थापित होने से क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि इस तरह की परियोजना से स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। इसी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। विरोध प्रदर्शन को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) और आसपास के गांवों के लोगों ने भी समर्थन दिया।
प्रदर्शन के दौरान माहौल गर्माने की सूचना मिलने पर तहसीलदार पिंकी आर्य और पटवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग स्पष्ट करते हुए कहा कि आबादी क्षेत्र में प्रस्तावित गैस प्लांट को निरस्त किया जाए। ग्रामीणों ने जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मामले में उचित निर्णय लेने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रस्तावित गैस प्लांट की स्थापना पर रोक लगाने की मांग को लेकर दर्जा राज्यमंत्री हेमा जोशी को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र की जनसुरक्षा और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित प्लांट को अन्यत्र स्थापित करने अथवा योजना को निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि आबादी क्षेत्र में गैस प्लांट लगाने के मामले को प्रशासन और शासन को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे आबादी क्षेत्र में गैस प्लांट की स्थापना को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
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