
गूंज, चम्पावत। नवयुवक रामलीला कमेटी, टनकपुर की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव के अंतर्गत रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम द्वारा माता सीता की खोज और बाली-सुग्रीव युद्ध की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, शारदीय नवरात्र की अष्टमी के पावन अवसर पर 501 कन्याओं का पूजन कर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजनों के चलते रामलीला मैदान में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के माता सीता की खोज में वन-वन भटकने के प्रसंग को प्रस्तुत किया। माता सीता के वियोग में व्याकुल प्रभु श्रीराम की मनोदशा और उन्हें खोजने के लिए किए जा रहे प्रयासों का मंचन देखकर दर्शक भावुक हो उठे। इसी क्रम में भगवान श्रीराम की भेंट सुग्रीव से होने तथा दोनों के बीच मित्रता स्थापित होने का प्रसंग दिखाया गया। सुग्रीव ने भगवान श्रीराम को अपने भाई बाली द्वारा किए गए अन्याय और उत्पीड़न के बारे में बताया। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव के बीच मित्रता के आधार पर बाली-सुग्रीव युद्ध की लीला का मंचन किया गया।
अष्टमी पर 501 कन्याओं का पूजन
दशहरा महोत्सव के अंतर्गत शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर 501 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की तथा सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस अवसर पर कन्याओं को भोजन और प्रसाद अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया गया।
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