गूंज, कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी कोटद्वार के देवभूमि उद्यमिता केंद्र के तत्वाधान में संचालित बारह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के छठे दिन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो (डॉ0) विजय कुमार अग्रवाल ने ईडीपी में प्रतिभाग कर रहे छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यशाला का वास्तविक उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता की भावना का विकास करना तथा नवाचार व तकनीकी जानकारी एवं प्रबन्धकीय प्रशिक्षण देकर उन्हें अपना उपक्रम स्थापित व संचालित करने में सहयोग देना है। कार्यशाला के प्रथम सत्र में देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी व कार्यक्रम समन्वयक डॉ० विनय देवलाल ने प्रतिभागियों को उद्यम स्थापित करने में वित्तीय प्रबंधन के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारियां दीं उन्होने कहा की वित्त प्रबंधक का कार्य सिर्फ व्यवसाय मे पूंजी प्राप्त करना ही नही है बल्कि व्यवसाय मे उसका अनुकूलतम उपयोग करना भी है, उद्यम की सफलता वित्तीय प्रबंध पर निर्भर करती है तथा व्यवसाय का भावी विकास एवं वृद्धि वित्तीय प्रबंध की कुशलता पर ही निर्भर होती है। वित्त प्रबंधन हेतु वित्तीय संस्थाओं की जानकारी भूमिका व महत्वों को भी डॉ० विनय देवलाल ने प्रतिभागियों को विस्तार से समझाया। उन्होने कहा कि वित्तीय प्रबंधन की अकुशलता व जानकारी के अभाव से व्यवसाय भावी समस्याओं का सामना करने मे सक्षम नही रहता।
द्वितीय सत्र में महाविद्यालय डॉ० उषा सिंह द्वारा छात्र छात्रों को व्यवसाय प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करने के विषय में आवश्यक जानकारियां दी गयी। उन्होने प्रोजेक्ट प्रोफाइल योजना तैयार करने की रूपरेखा किस प्रकार बनायें, उद्देश्यों का निर्धारण किस प्रकार से करें आदि के विषय में विस्तार से बताया। डॉ० उषा सिंह ने प्रतिभागियों से कहा की प्रोजेक्ट प्रोफाइल में स्पष्ट रूप से यह दर्शनीय होना आवश्यक हैकि आप क्या करना चाहते हैं, साथ ही प्रोजेक्ट प्रोफाइल में दिए गए विवरणों को सही अनुमानो पर आधारित होना चाहिए।
तृतीय व चतुर्थ सत्र में फील्ड विजिट हेतु प्रतिभागियों को स्थानीय निवासी उद्यमी सुभाष जखमोला द्वारा संचालित बॉटलिंग प्लांट, संदीप सिंह जी के मशरूम पालन तथा उदयरामपुर नवादा कलालघाटी में स्थापित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत स्थापित उद्यम बैकयार्ड आर्नामेंटल रियरिंग यूनिट तथा चरेख इंडिया वर्मी कंपोस्ट, वर्मी वॉश तथा आर्गेनिक वेस्ट मैनेजमेंट आदि औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर औद्योगिक क्षेत्रों के कार्यस्थल से संबंधित व्यावहारिक जानकारियां प्रतिभागियों को दी गईं, साथ ही कंवाश्रम स्थित होमस्टे व होटल तथा पर्यटन आवास गृह कंवाश्रम का भ्रमण कर छात्र छात्राओं को संबंधित पर्यटन उद्योगों के नवीन अवसरों के विषय में जानकारियां दी गईं।कार्यक्रम में मनीषा सरवालिया तथा आशीष कुमार आदि उपस्थित रहे।